दर्द का दर्द
इक न इक दर्द पाल कर रखिये ,
उसे दिल में संभाल कर रखिये।
ग़र दर्द है तो तनहा नहीं हैं आप ,
इस इनायत को संभाल कर रखिये।
हज़ारों ख़्वाब आँखों में, पहरा सिर्फ पलकों का ,
सफ़र लम्बा है, ख़्वाब संभाल कर रखिये।
रात का वक़्त,हवा सर्द और बारिश,
फिसल न जाएँ कदम संभाल कर रखिये।
वह दिखें भी तो निकल जाना ऐसे,
अजनबी रहगुज़र दामन संभाल कर रखिये।
ज़िन्दगी भी तो एक तज़ुर्बा है ' श्रीदत्त '
आँख नम होती है, अश्क़ संभाल कर रखिये।
इक न इक दर्द पाल कर रखिये ,
उसे दिल में संभाल कर रखिये।
ग़र दर्द है तो तनहा नहीं हैं आप ,
इस इनायत को संभाल कर रखिये।
हज़ारों ख़्वाब आँखों में, पहरा सिर्फ पलकों का ,
सफ़र लम्बा है, ख़्वाब संभाल कर रखिये।
रात का वक़्त,हवा सर्द और बारिश,
फिसल न जाएँ कदम संभाल कर रखिये।
वह दिखें भी तो निकल जाना ऐसे,
अजनबी रहगुज़र दामन संभाल कर रखिये।
ज़िन्दगी भी तो एक तज़ुर्बा है ' श्रीदत्त '
आँख नम होती है, अश्क़ संभाल कर रखिये।