विचार (Thoughts)
Thursday, December 30, 2010
रिश्ते
कितने अच्छे लगते हैं कुछ संबोधन! क्यों बनते हैं स्वतंत्र आत्माओं के बीच में रिश्ते जिन्हें हम पुत्र,पिता,माँ,पत्नी आदि कि संज्ञा देते हैं,क्यों होता है एक के सुख दुःख में दूसरे को सुख दुःख ?
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